जयपुर। प्रदेश में पशु कल्याण के क्षेत्र में
कार्यरत वल्र्ड संगठन की ओर से मकर संक्रान्ति पर 13 सेे 15 जनवरी तक
पतंगों की डोर से घायल परिन्दों को बचाने के लिए देश का सबसे बड़ा अभियान
सरस डेयरी, एसबीबीजे और बीएसएनएल के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘आपरेशन फ्री
स्काई’’ चलाया जाएगा।
भारत सरकार के मानद् पशु कल्याण अधिकारी मनीष सक्सेना ने बताया कि गुलाबी नगर में प्रतिवर्ष मकर संक्रान्ति के पर्व पर उड़ाई जाने वाली पतंगों की डोर में फंसने से हजारो पक्षी घायल हो जाते हैं और चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में वे दम तोड़ देते हैं। ऐसे में अब मासूम मासूम परिंदों बचाने के लिए इस वर्ष नई तकनीक वाॅट्स एप, एसएमएस और फेसबुक के सहारे वल्र्ड संगठन शहरवासिय¨ं क¨ इस मुहिम से ज¨ड़ेगा और घायल पक्षिय¨ं क¨ तुरन्त प्राथमिक उपचार दिलवाने मे सहायता प्रदान करेगा। शहरवासी घायल परिन्दों की सूचना म¨बाइल नं 7877677969 पर वाॅट्स एप व एसएमएस और वचमतंजपवदतिममेाल/हउंपसण्बवउ पर ई मेल के जरिए भी दे सकते ह®। इसके लिए जयपुर शहर को 25 भागों में बांटा गया है और सभी भागों में 25 पशु चिकित्सक और कार्यकर्ता अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। ‘वल्र्ड’ संगठन की उपनिदेशक नम्रता ने बताया कि 25 ‘बर्ड रेस्क्यू सेन्टर’ बनाए गए हैं। जिनमें घायल पक्षिय¨ं क¨ पहुंचा कर शहरवासी उनकी जान बचा सकते हैं। समस्त शहरवासिय¨ं से अपील की जाती है कि यदि किसी क¨ घायल पक्षी दिखाई देता है त¨ वे सम्बन्धित क्षेत्र के ‘क्षेत्रीय बर्ड रेस्क्यू सेन्टर’ या राजकीय पाॅली क्लिनिक पशु चिकित्सालय या सांगानेरी गेट स्थित पक्षी चिकित्सालय मे उसे तुरन्त पहुंचाकर प्राथमिक उपचार दिलवाकर एक पक्षी की जान बचा सकते हैं।
भारत सरकार के मानद् पशु कल्याण अधिकारी मनीष सक्सेना ने बताया कि गुलाबी नगर में प्रतिवर्ष मकर संक्रान्ति के पर्व पर उड़ाई जाने वाली पतंगों की डोर में फंसने से हजारो पक्षी घायल हो जाते हैं और चिकित्सकीय सुविधा के अभाव में वे दम तोड़ देते हैं। ऐसे में अब मासूम मासूम परिंदों बचाने के लिए इस वर्ष नई तकनीक वाॅट्स एप, एसएमएस और फेसबुक के सहारे वल्र्ड संगठन शहरवासिय¨ं क¨ इस मुहिम से ज¨ड़ेगा और घायल पक्षिय¨ं क¨ तुरन्त प्राथमिक उपचार दिलवाने मे सहायता प्रदान करेगा। शहरवासी घायल परिन्दों की सूचना म¨बाइल नं 7877677969 पर वाॅट्स एप व एसएमएस और वचमतंजपवदतिममेाल/हउंपसण्बवउ पर ई मेल के जरिए भी दे सकते ह®। इसके लिए जयपुर शहर को 25 भागों में बांटा गया है और सभी भागों में 25 पशु चिकित्सक और कार्यकर्ता अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। ‘वल्र्ड’ संगठन की उपनिदेशक नम्रता ने बताया कि 25 ‘बर्ड रेस्क्यू सेन्टर’ बनाए गए हैं। जिनमें घायल पक्षिय¨ं क¨ पहुंचा कर शहरवासी उनकी जान बचा सकते हैं। समस्त शहरवासिय¨ं से अपील की जाती है कि यदि किसी क¨ घायल पक्षी दिखाई देता है त¨ वे सम्बन्धित क्षेत्र के ‘क्षेत्रीय बर्ड रेस्क्यू सेन्टर’ या राजकीय पाॅली क्लिनिक पशु चिकित्सालय या सांगानेरी गेट स्थित पक्षी चिकित्सालय मे उसे तुरन्त पहुंचाकर प्राथमिक उपचार दिलवाकर एक पक्षी की जान बचा सकते हैं।
No comments:
Post a Comment